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sanskrit 2022 -23

संस्कृत में रंगों(colours name) के नाम

हिन्दी संस्कृत काला कृष्ण:, श्याम: (पुँ.) केसरिया केशर: (पुँ.) पिण्याक वर्ण: गुलाबी अरुण:, पाटल: (पुँ.) चितकबरा कब&र:, चित्र:, विचित्र: (पुँ.) धुन्धला धूमल: (पुँ.) धूसर धूसर:, कपिल:, पिशङ्ग: (पुँ.) नारंगी नारङ्ग: (पुँ.) नीला नील: (पुँ.) पीला पीत:, पाण्डु:, पाण्डुर:, हरिद्राभ: (पुँ.) फीकारंग कपिश: (पुँ.) भूरा कपिल:, कल्माष: (पुँ.) रंग वण&: (पुँ.) लाल लोहित:/रक्त: (पुँ.) सफेद श्वेत: (पुँ.) सफेदी युक्त लाल रंग पाटल: (पुँ.) साँवला श्याम: (पुँ.) सुर्खलाल/सिंदूरिया शोण: (पुँ.) हरा हरित:, पलाश:, हरित् (पुँ.)

संस्कृत में फलों(fruits)के नाम

हिन्दी संस्कृत अनार दाडिमम् (नपुं.) अखरोट अक्षोटम् (नपुं.), अक्षोटक: (पुँ.) अमरूद आम्रलम्/ दृढबीजम्/पेरुफलम्/बीजपूरम् (नपुं.) अमचूर आम्रचूर्णम् (नपुं.) अंगूर द्राक्षाफलम् (नपुं.),मृद्वीका, स्वाद्बी (स्त्री.) अमावट आम्रातकम् (नपुं.) अञ्जीर अञ्जीरम् (नपुं.) आम आम्रम् (नपुं.),रसाल: (पुँ.) आलू बुखारा आरुकम् (नपुं.) आडू आर्द्रालु: (पुँ.) आँवला आमलकम् (नपुं.), आमलकी (स्त्री.), धात्रीफलम् (नपुं.) इमली अम्लिका, तिन्त्रिणी, चिञ्चा (स्त्री.) इलायची एला (स्त्री.) कच्चा फल शलाटु: (पुँ.) कटहल पनसम् (नपुं.) कमरख कर्मरक्षम्/कर्मरङ्गम् (नपुं.) कसेरू कसेरु: (पुँ.) ककरी कर्कटी (स्त्री.) ककरी (फूटी) मधुकर्कटी (स्त्री.) करौंदा करमर्द:/करञ्ज: (पुँ.) काजू काजवम् (नपुं.) काफल (कटहली) श्रीपर्णिका (स्त्री.) केला कदलीफलम्, रम्भाफलम् (नपुं.) वैâथा कपित्थम् (नपुं.) किशमिश शुष्कद्राक्षा, मृद्वीका (स्त्री.) कचनार कोविदारम् (नपुं.) कदम्ब कदम्बम्/नीपफलम् (नपुं.) कलमी आम राजाम्रम् (नपुं.) खरबूजा खर्बूजम्, दशाङ्गुलम् (नपुं.) खजूर खर्जूरम् (नपुं.) खाजा मधुशीर्ष: (पुँ.) खिन्नी (खिरनी) शीरिकाफलम्/क्षिरिका, राजन्या (स्त्री...

वाद्ययंत्रों(musical instruments)के नाम संस्कृत में

हिन्दी संस्कृत आरकेस्ट्रा आतोद्यम् (नपुं.) वाद्यवृंद उतार अवरोह: (पुँ.) एकतारा एकतन्त्रिका (स्त्री.) कोमलस्वर मन्द्र: (पुँ.) खंजरी खञ्जरी (स्त्री.) गाना गीतम्, गानम् (नपुं.),गीति: (स्त्री.) गायक गेष्ण:, गेष्णु:, गायक:, (पुँ.) गिटार तम्बूरम् (नपुं.) घण्टा घण्टा (स्त्री.) घुँघरू क्षुद्रघण्टिका (स्त्री.), घर्घरम् (नपुं.) घड़िघण्ट चाक्रिक:/घण्टिक: (पुँ.) चढ़ाव आरोह: (पुँ.) जलतरङ्ग जलतरङ्ग: (पुँ.) झाल झल्लरी (स्त्री.) झॉझ झर्झरी (स्त्री.), झर्झर: (पुँ.) डमरू डमरु: (पुँ.) डुगडुगी नक्कार: (पुँ.)/ढक्का (स्त्री.) ढाक ढक्क:, पटह:, यश: (पुँ.) ढिंढोरा डिण्डिम:/डिण्डिमघोष: (पुँ.) ढोल पटह:/आनक: (पुँ.) ढोलक ढोलक: (पुँ.) तबला मुरज:, मृदङ्ग: (पुँ.) तानपुरा तानपुर: (पुँ.) तीव्रस्वर तार: (पुँ.) तुरही (शहनाई) तूर्यम् (नपुं.)/सानिका (स्त्री.) नगाड़ा दुन्दुभि: (पुँ., स्त्री.) नर्तक नर्तक:, लयालम्ब: (पुँ.) नर्तकी नर्तकी, लयपुत्री (स्त्री.) नर्तन नृत्यम्, नर्तनम्, नृत्तम् (नपुं.) नौरस नवरसा: (पुँ., बहु.) भेरी आनक: (पुँ.)/भेरी (स्त्री.) बाँसुरी मुरली/वंशी/ वेणु: (स्त्री.) पखावज पक्षवाद्यम् (नपुं.), अज्र्य: (पुँ.)...

संस्कृत अव्यय शब्दों की सूची

अव्यय अर्थ अकस्मात् अचानक अग्रत: आगे अग्रिमवर्षे परसाल, अगले साल। अग्रे पहले, आगे अङ्ग हे (आदर सहित बुलाने के अर्थ में) अचिरेण शीघ्र, जल्दी अचिरम् शीघ्र अचिराय शीघ्र अचिराद् शीघ्र, जल्दी अजस्रम् निरन्तर/लगातार अञ्जसा शीघ्र, जल्दी, झटपट अतएव इसलिए अत: इसलिए अत:परम् इसके बाद अति बहुत अत्यन्तम् बहुत अतीव बहुत ही अत्र यहाँ अत्रान्तरे इतने में ही अत्रापि यहाँ भी अत्रैव यहाँ ही/यहीं अथ इसके बाद/तब/फिर / मङ्गल अथवा या, अथवा अथ किम् और क्या, तो क्या, हाँ अद्य आज अद्यतनम् आज का अद्यत्वे आजकल अद्यपर्यन्तम् आजतक अद्यप्रभृति आज से लेकर अद्यापि आज भी अद्यारभ्य आज से अद्यावधि आज तक, अब तक अध: नीचे, नीचा अर्धम् आधा अधस्तात् नीचे अधिकम् अधिक, बहुत अधिकतरम् अधिकतर अधुना अब अधुनापि आज भी/अभी अधुनैव अभी अनेन प्रकारेण ऐसे अन्त: अन्दर, भीतर, बीच में अन्तत: आखिरकार, आखिर अन्ततोगत्वा आखिरकार, आखिर अनन्तरम् पीछे, बाद में अन्तरा बीच में अन्यत् दूसरा अन्यच्च और भी, और अन्तिकम् पास अनारतम् निरन्तर/लगातार अनायासेन बिना मेहनत के अनवरतम् निरन्तर/लगातार अनिशम् निरन्तर/लगातार अनुमानत: लगभग अनेकम् अनेक अन्तर्बहि: बाहर...

समृद्धि:

शब्दः ::  समृद्धिः लिङ्गम् प्रकारश्च ::  स्त्री अर्थः सन्दर्भश्च ::  (सम् + ऋध् + क्तिन् । ) सम्यग्- वृद्धिः । अतिशयसम्पत्तिः । तत्पर्य्यायः । एधा २ । इत्यमरः । ३ । २ । १० ॥ विधा ३ । इति जटाधरः ॥ (यथा रघुः । ९ । १३ । “ चरणयोर्नखरागसमृद्धिभिर्मुकुटरत्नमरीचिभिरस्पृशन् ॥ “ )

पारिभाषिक(technical words) शब्द

पारिभाषिक शब्दावली • Above all – सर्वोपरि • Above cited – ऊपर उद्धृत • Above quoted – ऊपर दिया हुआ • Acting in good faith – सद्भाव से कार्य करते हुए • Ad hoc – तदर्थ • After adequate consideration – समुचित विचार के बाद • After consulation – से परामर्श करके • Approved as proposed – यथा प्रस्ताव अनुमोदित • As above – जैसा ऊपर दिया है • As a last resort – अन्तिम उपाय के रूप मेँ • As a matter of fact – यथार्थतः/वस्तुतः • As a result of – के फलस्वरूप • As directed – निदेशानुसार • As is where is – जैसा है और जहाँ है • As may be necessary – यथावश्यक • As of right – साधिकार • As per – के अनुसार • As per details below – नीचे लिखे ब्यौरोँ के अनुसार • As modified – यथा शोधित • As the case may be – यथा प्रकरण/यथास्थिति • Attention is invited to – की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है • Beg to state – निवेदन है • Best of knowledge and belief – मेरी जानकारी और विश्वास मेँ • By authority of – के प्राधिकार मेँ • By order – के आदेश से • By return of post – लौटती डाक से • Cabinet – मंत्रिमण्डल • Cadre – सं...

लिंग

 सामान्य हिन्दी 6. लिँग एवं वचन लिँग जो संज्ञा शब्द पुरुष या स्त्री जाति का ज्ञान कराते हैँ, उन शब्द रूपोँ को लिँग कहते हैँ। हिन्दी मेँ कुछ शब्दोँ को छोड़कर शेष सभी शब्द या तो पुरुषवाचक हैँ या स्त्री वाचक। इसलिए हिन्दी भाषा मेँ लिँग के दो प्रकार माने गये हैँ – 1. पुल्लिँग : पुरुष या नर जाति का बोध कराने वाले शब्द पुल्लिँग कहलाते हैँ। जैसे – लड़का, रमेश, मोर, देश, बकरा, बन्दर, भवन, साला, भाई आदि। 2. स्त्रीलिँग : स्त्री या नारी (मादा) जाति का बोध कराने वाले शब्दोँ को स्त्रीलिँग कहते हैँ। जैसे – लड़की, सीमा, बालिका, शेरनी, राधा, दासी, देवरानी, चिड़िया, भाभी, छात्रा आदि। हिन्दी भाषा मेँ कई ऐसे भी शब्द हैँ जो पुल्लिँग एवं स्त्रीलिँग दोनोँ रूपोँ मेँ अपरिवर्तित रहते हैँ। इन शब्दोँ का लिँग परिवर्तन नहीँ होता। जैसे – चांसलर, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजदूत, राज्यपाल, इंजीनियर, डॉक्टर, मैनेजर, डाकिया आदि। ऐसे शब्दोँ को उभयलिँगी कहते हैँ। उदाहरणार्थ – • हमारे देश के प्रधानमंत्री कल जापान यात्रा पर जा रहे हैँ। • जर्मनी की चांसलर एंजिला मर्केल ने सुरक्षा परिषद् मेँ भारत की स्थाई ...

भाषा बोली और व्याकरण

( नमस्कार मित्रो ! आज हम सामान्य हिन्दी के अंतर्गत भाषा , बोली और व्याकरण विषय पर चिंतन करेंगे।) 1.भाषा, बोली और व्याकरण • भाषा– भाषा मूलतः ध्वनि–संकेतों की एक व्यवस्था है, यह मानव मुख से निकली अभिव्यक्ति है, यह विचारों के आदान–प्रदान का एक सामाजिक साधन है और इसके शब्दों के अर्थ प्रायः रूढ़ होते हैँ। भाषा अभिव्यक्ति का एक ऐसा समर्थ साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों को दूसरों पर प्रकट कर सकता है और दूसरों के विचार जान सकता है। अतः हम कह सकते हैँ कि “भावों और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए रूढ़ अर्थों मेँ प्रयुक्त ध्वनि संकेतों की व्यवस्था ही भाषा है।” प्रत्येक देश की अपनी एक भाषा होती है। हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी है। संसार में अनेक भाषाएँ हैं। जैसे- हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, बँगला, गुजराती, पंजाबी, उर्दू, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, फ्रैंच, चीनी, जर्मन इत्यादि। • भाषा के प्रकार- भाषा दो प्रकार की होती है – 1. मौखिक भाषा। 2. लिखित भाषा। आमने–सामने बैठे व्यक्ति परस्पर बातचीत करते हैं अथवा कोई व्यक्ति भाषण आदि द्वारा अपने विचार प्रकट करता है तो उसे भाषा का मौखिक रूप कहते हैं। जब ...

दलित समाज और आरक्षण

दलित,जिस शब्द ने भारत को सबसे अधिक हानि पहुँचाया है। दलित शब्द, भारतीय समाज के खण्डित होने का परिचायक है। दलित शब्द , दलन शब्द में इत  प्रत्यय लगने से निष्पन्न होता है।जिसका ...

गणतंत्र दिवस

Republic Day